चलती ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने रेलवे कर रहा यह काम: जाने क्या है रेलवे की योजना

चलती ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने रेलवे कर रहा यह काम: जाने क्या है रेलवे की योजना

Bilaspur

बिलासपुर। कुछ दिनों से चलती ट्रेनों पर कुछ शरारती तत्वों द्वारा पत्थर मारने की घटना देखनें में आयी है । इस प्रकार की घटनाओ से कई बार रेल यात्रियों को चोटें भी आई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिये, घटनाओं को अंजाम देने वालों की धरपकड़ की जा रही है, साथ ही साथ विभिन्न मीडिया के माध्यमों से इन घटनाओं के फलस्वरूप होने वाले परेशानियों एवं नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रसार-प्रचार का कार्य भी कर रही है।
इसी कड़ी में 1 जुलाई से ट्रेनों में पथराव रोकने के लिए रेल सुरक्षा बल के द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों रेल मंडलों के इस प्रकार की घटनाओं के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त लगाई जा रही है। विशेष कर रात्री कालीन समय में चलने वाले गाडिय़ों में इन घटनाओं की रोकथाम के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे है।
इस साल अब तक आठ मामले
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा पिछले छह माह में जनवरी से जून तक कुल 8 मामले सामने आए। 8 जनवरी 19 को रायगढ़-राबट्र्सन स्टेशनों के बीच उत्कल एक्सप्रेस पर पथराव की घटना हुई। 2 फरवरी 19 को चांपा के पास हसदेव एक्सप्रेस में पत्थर बाजी की गई। 13 फरवरी को अनूपपुर में कोल लोड मालगाड़ी पर पथराव किया गया। 16 फरवरी को किरोड़ीमल नगर भूपदेवपुर के मध्य दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। 24 फरवरी को शहडोल-अम्बिकापुर पैसेंजर पर मनिन्द्रगढ़ के पास पथराव की घटना हुई। 24 मार्च 19 को नैला स्टेशन के समीप एक मालगाड़ी में पथराव की घटना हुई।। 5 अप्रैल को नैला-चम्पा के मध्य कुर्ला हावड़ा एक्सप्रेस पथराव की घटना हुई। 21 जून 19 को सरोना उरकुरा स्टेशनों के मध्य गोंडवाना गेट से गुजऱती हुई एक माल गाडी पर पथराव की गयी जिसमें इंजन के शीशी टूट गए। इन सभी घटनाओं में गाडिय़ों के एसी कोच के शीशे टूटे या फिर लोको के शीशे टूटे इन घटनाओं में कहीं न कही, किस न किसी को चोटें आई है। यहा तक की कुछ पथराव की घटनाओं में भी घायल हुए है । अपनी ड्यूटी कर रहे लोको पायलट तक को चोटें आई है। जिससे उन्हें तुरंत उपचार कराना पडा है ।
इन घटनाओं के घटने के तुरंत बाद आरपीएफ द्वारा कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को रेलवे एक्ट की धारा 152के तहत गिरफ्तार कर उन्हें माननीय अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कुछ घटनाओं में स्कूली छोटे बच्चे भी सम्मिलित पाए गए जो खेल में पथराव कर बैठते है। ऐसी स्थिति में आरपीएफ द्वारा उनके गांव जा कर उनके परिजनो एवं पंचायत में घटनाओं की जानकारी दी गई एवं भविष्य में ऐसी घटना से दूर रहने की समझाईश भी दी गई।

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