नॉन परफार्मिंग खातों का भी ऋण माफ करेगी भूपेश सरकार, कैबिनेट बैठक में लिया फैसला

नॉन परफार्मिंग खातों का भी ऋण माफ करेगी भूपेश सरकार, कैबिनेट बैठक में लिया फैसला

Raipur

आचार संहिता के बाद पहली बार आयोजित हुआ कैबिनेट बैठक
रायपुर।
आचार संहिता हटने के बाद भूपेश कैबिनेट की पहली बैठक में अहम फैसले लिए गए। बैठक में नॉन परफार्मिंग बैंक खातोंं के ऋण का मामला अहम था। सरकार ने फैसला किया है कि अब नान परफार्मिंग बैंक खातों के ऋण का भी भुगतान शर्तों के आधार पर सरकार करेगी। इसके लिए कैबिनेट ने किसानों को वन टाइम सेटेलमेंट का लाभ देगी, जिसके तहत 50 फीसदी की राशि बैंकों को सरकार देकर किसानों को राहत पहुंचायेगी।
कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते हुए संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे और मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्य सरकार ने किसानों के ऋण माफी का फैसला लिया था। कापरेटिव बैंकों के अलावे 21 सार्वजनिक बैंकों के करेंट लोन माफ किये गये थे। अब सरकार ने बैंकों के नान परफार्मिंग खातों के भी लोन को वन टाइम सेटलमेंट के लिए जरिये माफ किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। 21 सार्वजनिक बैंकों के अलावे आईडीबीआई बैंक को इसमें शामिल किया गया है। रविंद्र चौबे ने कहा कि डिफाल्टर हो जाने की वजह से किसानों को नया ऋण नहीं मिल पाता, इसलिए सरकार ने ये राहत भरा कदम किसानों के लिए उठाया है।
हर परिवार का बनेगा राशन कार्ड
कैबिनेट बैठक में आज प्रदेश के हर परिवार के राशन कार्ड बनाने का फैसला भी लिया गया है। खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर के मुताबिक हर परिवार यानि प्रदेश में 65 लाख परिवारों का राशन कार्ड बनाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले से ही 58 लाख कार्ड हैं, अब 7 लाख परिवार का नया राशन कार्ड बनेगा। उन्होंने बताया कि 1 व्यक्ति के परिवार को10 किलो, 2 व्यक्ति के परिवार को 20 किलो चावल मिलेगा। 3 व्यक्ति के परिवार को 35 किलो चावल दिया जाएगा। वहीं अब शक्कर कारखानों से पीडीएस का शक्कर खरीदने का फैसला लिया गया है। मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि शक्कर कारखानों के पास काफी शक्कर का स्टाक है। अभी उनके पास करीब 13 लाख मीट्रिक टन चीनी का स्टाक है, जबकि पीडीएस के लिए राज्य को 6 लाख 84 हजार मीट्रिक टन की जरूरत होती है। राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए अब 12वीं तक के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत लाभ देने का फैसला लिया है। पहले ये लाभ सिर्फ 8वीं तक के बच्चों को मिलता था, लेकिन अब 12वीं तक के बच्चों को फ्री में शिक्षा और गणवेश के साथ किताबें दी जाएगी।

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