कुपोषित बच्चों के लिए पीपीके बन रहा तन्दुरूस्ती का केन्द्र : एक वर्ष में इतने कुपोषित बच्चे हुए लाभान्वित

कुपोषित बच्चों के लिए पीपीके बन रहा तन्दुरूस्ती का केन्द्र : एक वर्ष में इतने कुपोषित बच्चे हुए लाभान्वित

Sarguja

अम्बिकापुर। जिले में संचालित पीपीके (पोषण पुर्नवास केन्द्र) कुपोषित बच्चों के चिकित्सकीय देख भाल के साथ समुचित पोषण आहार प्रदान कर सुपोषित कर तन्दुरूस्त कर रहा है। पिछले एक वर्ष में जिले के 457 कुपोषित बच्चे पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती के बाद सुपोषित हुए हैं। कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर के मार्गदर्शन में जिले में पोषण एवं पुनर्वास केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केंद्रों में 5 वर्ष तक के गंभीर कुपोषित बच्चों को चिकित्सीय व पोषण सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा बच्चों के माताओं तथा अन्य देख भालकर्ताओं को बच्चों के समग्र विकास हेतु आवश्यक देखभाल व खानपान संबंधित कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पीएस सिसोदिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले के जिला अस्पताल में 20 बेड सुविधा युक्त तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर में 10 बेड युक्त पोषण पुनर्वास केंद्र का सफल एवं सुचारु संचालन किया जा रहा है। जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में 301 तथा सीतापुर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में 156 कुपोषित बच्चे लाभान्वित हुए। इस तरह से जिले में विगत 1 वर्ष में  457 कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिल चुका है।
      पोषण पुनर्वास केंद्रों में कुपोषित बच्चों को नवजीवन मिल रहा है। ऐसे बच्चों को जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य केंद्रों में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती किया जाता है तथा उनका इलाज एवं खानपान का ध्यान रखा जाता है। पोषण पुनर्वास केंद्रों में न केवल बच्चों की भूख एवं स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है बल्कि बच्चों की माताओं को भी पौष्टिक भोजन दिया जाता है, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ ही माताओं के वजन में भी बढ़ोत्तरी होती है।

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