समय सीमा की बैठक में मास्टर प्लान पर चर्चा, कलेक्टर ने कहा नए मास्टर प्लान से होगा बेहतर विकास: अधिकारियों को दिए यह निर्देश

समय सीमा की बैठक में मास्टर प्लान पर चर्चा, कलेक्टर ने कहा नए मास्टर प्लान से होगा बेहतर विकास: अधिकारियों को दिए यह निर्देश

Durg

दुर्ग। दुर्ग भिलाई का मास्टर प्लान प्रवर्तित होने के पश्चात यहां के बेहतर विकास का रास्ता खुलेगा। नागरिकगण भी अपनी जरूरतों के मुताबिक मास्टर प्लान के मुताबिक उद्यम अथवा बसाहट कर सकेंगे। इस परिस्थिति में लोगों के डेवलपमेंट प्लान को लेकर काफी आवेदन आएंगे। इसका तय समयावधि में और गुणवत्तापूर्वक निराकरण करें। समय सीमा की बैठक में कलेक्टर अंकित आनंद ने यह निर्देश अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि प्लान में 8821 हे. आवासीय, 509 हेक्टेयर वाणिज्यिक, 3747 हेक्टेयर सार्वजनिक, 1740 हेक्टेयर अर्धसार्वजनिक, 392 हेक्टेयर आमोद-प्रमोद हेतु प्रस्तावित किए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों में भी व्यावसायिक, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, पेट्रोल पंप, सिनेमा, रेस्टारेंट, माल आदि व्यावसायिक गतिविधियों के प्रावधान रखे गए हैं जो लोग आवासीय क्षेत्र में इन गतिविधियों के इच्छुक हैं वे नगर निवेश विभाग में संपर्क कर सकते हैं। वाणिज्यिक क्षेत्रों में धर्मशाला, बारात घर, हास्टल, शीत ग्रह, डिपो, गोदाम इत्यादि के प्रावधान रखे गए हैं।

मानदंडों के मुताबिक नये मार्ग भी प्रस्तावित

मार्गों की चैड़ाई भी प्रस्तावित है तथा नियोजित मानदंडों के मुताबिक नये मार्ग भी प्रस्तावित किए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान विकास योजना आगामी 20 वर्षों के विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है। प्रस्तावित भूमि उपयोग के अनुरूप विकास निर्माण, भूव्यपवर्तन एवं भूआवंटन इत्यादि कार्य सुलभ हो गए हैं। जो लोग इसका लाभ उठाना चाहते हैं वे नगर निवेश विभाग में संपर्क कर सकते हैं। विकास योजना प्रवर्तित होने के पश्चात कोई भी व्यक्ति संचालक की लिखित अनुज्ञा के बिना किसी भूमि के उपयोग में कोई तब्दीली नहीं करेगा या भूमि के विकास का कार्य कार्यान्वित नहीं करेगा।

दुर्ग-भिलाई विकास योजना का क्षेत्र 819.44 वर्ग किमी

उल्लेखनीय है कि दुर्ग-भिलाई विकास योजना का क्षेत्र 819.44 वर्ग किमी का है। इसमें चार नगर निगम दुर्ग, भिलाई, भिलाई-चरौदा एवं रिसाली शामिल हैं। कलेक्टर ने आज विभागीय समीक्षा बैठकों में सभी अधिकारियों को अपेक्षित परिणाम हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय लक्ष्यों के अनुपालन की स्थिति पर लगातार मानिटरिंग की जा रही है। अपेक्षित परिणाम नहीं आए और लापरवाही दिखी तो कार्रवाई की जाएगी। आज हुई बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

शेड्यूल बनाकर करें योजना का क्रियान्वयन

शासन की चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नवाचार के साथ ही प्रभावी तरीके से मानिटरिंग करने का सिस्टम भी बनाएं ताकि हर दिन प्रगति की जांच आसान हो सके। आज हुई बैठक में कलेक्टर अंकित आनंद ने अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की मानिटरिंग का प्रत्येक योजना अनुसार सिस्टम बनाएं। सिस्टम ऐसा बनाए कि अधिकारी किसी भी समय योजना के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जान सकें। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का क्रियान्वयन भविष्य में किया जाना है उनके लिए भी ऐसा सिस्टम बनाएं। अधिकारियों को शेड्यूल के मुताबिक कार्य दें और इसके लिए जगह और समय भी तय करें। इससे आपको योजनाओं की रैंडम मानिटरिंग में आसानी होगी। बेतरतीब किये जाने वाले कार्यों से परिणाम तो आते हैं लेकिन अधिकारी के लिए रैंडम मानिटरिंग की संभावना कम हो जाती है।

Share this: