बंद पड़ी खदान को विकसित कर आर्कषक पर्यटन का केन्द्र बना यह क्षेत्र: छत्तीसगढ़ के इस जिले में हैं यह खूबसूरत जगह

बंद पड़ी खदान को विकसित कर आर्कषक पर्यटन का केन्द्र बना यह क्षेत्र: छत्तीसगढ़ के इस जिले में हैं यह खूबसूरत जगह

Raipur

रायपुर। ग्राम पंचायत केनापारा में सन 1991 से एसईसीएल के बंद पड़े खुले खदान को अब पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कर दिया गया है। जिला प्रशासन सूरजपुर के द्वारा यह अभिनव पहल की गई है। यहां एसईसीएल का बंद खदान एक जलाशय का रूप ले चुका है जिसे पर्यटन के लिहाज से विकसित कर दिया गया। इससे रोजगार के साधन भी बढ़ गए हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से यहां महिला स्वसहायता समूह इस पर्यटन स्थल में तमाम सुविधाएं देकर पैसे कमा रही हैं और अपना भविष्य संवार रही हैं। इस पर्यटन स्थल का आनंद उठाने दूर-दूर से सैलानी आते हैं, क्योंकि यहां का नजारा किसी हिल स्टेशन से कम नहीं है।

नए साल की शुरुआत में पर्यटकों की बढ़ती संख्या महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है। नवम्बर 2019 माह में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी केनापारा में बोटिंग का लुत्फ उठा चुके हैं। सीएम ने महिला चालकों व पर्यटन स्थल की सराहना भी की थी एवं जिला प्रशासन को केनापारा में पर्यटन के लिए सुरक्षित और आकर्षक केन्द्र बनाने के निर्देश दिये थे जिस पर कलेक्टर दीपक सोनी व जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत् है, नित्य नये आयामों से यहां पर्यटन एवं रोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। भविश्य में इस स्थल को इको एथनीक टुरिज्म हब, वाटर स्पोर्ट, आडिटोरियम, कल्चर सेण्टर, मेडिटेशन सेण्टर के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई हैं। जिससे क्षेत्र में रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को विस्तृत रूप में विकसित किया जा सके।

यहां जलाशय के मध्य में जिला प्रशासन द्वारा मत्स्य पालन हेतु 32 केज स्थापित किया गया है जिसमें प्रति केज 02 टन के औसत से लगभग 64 टन पंगेशियस प्रजाति के मछली का पालन किया जा रहा है। यह कार्य महामाया मछुवारा समिति का निर्माण कर संचालन किया जा रहा है, जिसमें केनापारा ग्राम के ही 41 महिला एवं पुरूषों को रोजगार से जोड़ा गया है, वर्तमान में समिति द्वारा केज कल्चर से 17.472 टन का उत्पादन कर 14 लाख 44 हजार की मछली का विक्रय किया गया है। भविष्य में यहां 8 केज और स्थापित किये जाने हेतु जिला प्रशासन प्रयासरत् है, जिससे केज की संख्या 40 हो जायेगी और सालाना उत्पादन लगभग 82 टन का होगा।

यहां के पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन के द्वारा लग्जरी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट स्थापित किया गया है, जिसकी जानकारी मिलने के बाद दूर-दराज के भी पर्यटक सूरजपुर के केनापारा पहुंच रहे हैं। केनापारा में जिला प्रशासन के सहयोग से माह अक्टूबर 2019 से शिव शक्ति महिला ग्राम संगठन बोट संचालन का कार्य कर रही हैं, संगठन में 186 महिलाओं को जोड़ा गया है, जिसमें प्रत्यक्ष रूप से बोट संचालन में 12 महिला सदस्यों को रोजगार दिया गया है, जिसमें 4 महिलाएं बोट संचालन का कार्य करती है दो महिलाएं टोकन काउंटर, चार महिलाएं लाइफगार्ड एवं व्यवस्था संचालन में दो महिलाएं कार्य करती हैं, जिला प्रशासन द्वारा केनापारा में 2 नग बोट प्रदाय किया गया है जिसमें 15 सीटर किराया 50 रूपये प्रति यात्री एवं आठ सीटर किराया 100 रूपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है बोट संचालन से संगठन को औसत आमदनी प्रति दिवस करीब 5000 रूपये तक हो जाता है जिसमें शनिवार और रविवार को ज्यादा पर्यटक नौका विहार को आने से 7000 रूपये तक आमदनी हो जाती है नौका संचालन से प्राप्त आमदनी में खर्चों को काटने के बाद महिलाओं को 250 रूपये प्रति दिवस भुगतान भी किया जाता है।

अब तक संगठन को व्यवस्था संचालन से लगभग छ: लाख की आमदनी हो चुकी है जिसमें खर्चों का भुगतान करने के बाद शेष राशि संगठन के खाते में बचत के तौर पर जमा की जाती है बचत राशि को गांव में महिलाओं को स्वरोजगार सहित अन्य आवश्यकताओं पर ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है इससे गांव में गरीब तबके की महिलाएं जो स्वरोजगार के लिए इच्छुक हैं सस्ते ब्याज दर पर राशि लेकर स्वरोजगार कर रही हैं ग्राम पंचायत केनापारा एक ऐसे उदाहरण को प्रस्तुत करता है जो ग्रामीण जीवन को खुशहाल और उज्जवल बनाने में सक्षम है।

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