सावरकर के पोते ने कहा- कांग्रेस को सरकार से बाहर करें उद्धव

सावरकर के पोते ने कहा- कांग्रेस को सरकार से बाहर करें उद्धव

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मुंबई। राहुल ने दिल्ली के रामलीला मैदान से मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए वीर सावरकर को लेकर टिप्पणी की। जिसके कारण महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने उन्हें सावरकर कि किताब पढऩे का मशविरा दिया है। इसी बीच सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने केंद्र सरकार से राहुल पर कार्रवाई करने को कहा है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल का कहना है कि सावरकर गाय को माता नहीं मानते थे, भाजपा मानती है।
महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के महा विकास अघाड़ी गठबंधन से सरकार बनाई है। ऐसे में शिवसेना के हीरो सावरकर को लेकर राहुल की टिप्पणी का सरकार पर क्या असर पड़ेगा जब इसे लेकर एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार से पूछा गया तो उन्होंने कहा, उद्धव जी, सोनिया जी और पवार साहब परिपक्व लोग हैं। वह मिलकर सही फैसला लेंगे।

केंद्र सरकार करे राहुल पर कार्रवाई

वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने राहुल गांधी के बयान मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है, मैं सच्चाई के लिए कभी माफी नहीं मांगूगा पर कहा, ‘कोई भी उनके (वीर सावरकार) बारे में अपमानित करने वाले शब्द नहीं कह सकता है। सरकार को राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार को सलाह दी है कि राहुल के इस बयान के बाद उद्धव ठाकरे अपने मंत्रिमंडल से कांग्रेस के मंत्रियों को बर्खास्त करें और अल्पमत की सरकार चलाएं, क्योंकि भाजपा उनके सरकार के खिलाफ वोट नहीं करेगी।

गाय को माता नहीं मानते थे सावरकर

एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने राहुल के बयान पर कहा, ‘जब बड़ी हस्तियों की बात आती है, तो हर कोई हर बात पर सहमत नहीं होता है। राहुल जी के सावरकर को लेकर अपने विचार हैं। सावरकर ने कहा था कि गाय हमारी माता नहीं है लेकिन भाजपा कहती है। सावरकर के विचार ज्ञानवादी थे लेकिन क्या भाजपा इसे स्वीकार करेगी? वह कभी नहीं करेगी।

सावरकर बनने के लिए राहुल को लेने होंगे कई जन्म

राहुल के बयान पर आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘अंग्रेज सावरकर से डरते थे, इसीलिए अंग्रेजों ने उन्हें दो बार आजीवन कारावास दिया। राहुल कभी सावरकर नहीं हो सकते। उन्हें सावरकर बनने के लिए कई जन्म लेने होंगे, लेकिन इसके बाद भी वह उनके (सावरकर) जैसे नहीं हो पाएंगे। राहुल से जुड़ा ‘गांधी’ गांधी शब्द का अनादर है। उन्हें ‘गांधी’ उपनाम का इस्तेमाल करके गांधी का अनादर नहीं करना चाहिए। उनके बयान के कारण राष्ट्र आहत है।

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