बेखौफ अपराधी, पशु चिकित्सक समेत दो की गोली मारकर हत्या

बेखौफ अपराधी, पशु चिकित्सक समेत दो की गोली मारकर हत्या

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बिहार/भागलपुर/सहरसा। सहरसा में बेखौफ अपराधियों का बरसा कहर। एक ही दिन दो हत्याओं से दहला सहरसा। एक पशु चिकित्सक सह समृद्ध किसान और एक नाविक की गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना सहरसा के सलखुआ स्थित कोसी तटबंध के अंदर चिरैया ओपी क्षेत्र में शनिवार की देर रात की है। अपराधियों ने नव प्राथमिक विद्यालय के चबूतरे पर सो रहे पशु चिकित्सक और समृद्ध किसान समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय के हरिशंकरपुर के असिनचक निवासी देवेन्द्र यादव उर्फ देवेन्द्र राय (50)के सिर में दो गोली मारकर हत्या कर दी।
खगडिय़ा जिले के अमौसी के भराठ मोरकाही के भूलू चौधरी (65) की सीने में तीन गोली मारकर हत्या कर दी। भूलू चौधरी की जहां हत्या हुई वहां से तीन खोखा बरामद हुआ है। देवेन्द्र यादव की हत्या की प्रारंभिक जांच में पैसे लेनदेन में होने की सामने आ रही है। वहीं नाविक की नाव परिचालन को लेकर दो गुटों में आपसी वर्चस्व को लेकर हत्या को लेकर छानबीन कर रही है।
दोनों घटना देर रात 12 से एक बजे के बीच होने के बारे में बताई जा रही है। घटना की सूचना पर रविवार की सुबह सदल बल पहुंचे चिरैया ओपीध्यक्ष कांति प्रसाद यादव ने बताया कि दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है उन्होंने बताया कि खेतीबाड़ी और रोजगार के लिए दोनों दूसरे जिले में रह रहे थे इस कारण दोनों के परिजन के पहुंचने का भी पुलिस इंतजार कर रही है।
बताया जा रहा कि देवेन्द्र राय बगुलवा टोला में अकेले रहकर अपनी पुश्तैनी जमीन की देखभाल, खेतीबाड़ी और मवेशी चिकित्सक का काम करते थे। जिस नव प्राथमिक विद्यालय के चबुतरे पर उसकी हत्या हुई वह जमीन इन्होंने ही दान में दी थी। सूद पर भी उसके द्वारा काफी रुपये क्षेत्र में देने की बात की चर्चाएं हैं।
दूसरी घटना कोसी नदी के करहरा घाट करहरा घाट के समीप एक मंडप बनी है वहां की बताई जा रही है। जहां नाविक भुलू चौधरी रहते थे। ग्रामीणों में चर्चा है कि करहरा घाट पर वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच काफी समय से रंजिश चली आ रही थी। मृतक भूलू चौधरी करहड़ा के सुभाष यादव की नाव चलाते थे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
घटनास्थल पर पहुंची सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मृदुला कुमारी ने कहा कि देवेन्द्र की यहां 300 से 400 एकड़ पुश्तैनी जमीन थी। बिक्री के बाद अभी 40 से 50 एकड़ जमीन बची थी। इसमें होने वाली खेती का देखभाल और मवेशी का इलाज करने का वे यहां काम करते थे। लोगों की पैसे से मदद भी करते थे। अब तक की हुई प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि पैसे लेनदेन या जमीन हड़पने की लालच में उसकी हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि भूलू चौधरी सुभाष यादव का नाव चलाता था। नाव परिचालन को लेकर सुभाष यादव और विपिन यादव पे. युगेश्वर यादव के बीच अदावत थी। चार पांच दिन पहले विपिन यादव सिसवा घाट पर नाव परिचालन बंद कर करहड़ा घाट आ गया था। सुभाष ने विपिन यादव और उसके गिरोह पर हत्या करने की शंका जाहिर की है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। डॉग स्क्वायड की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।

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