एक्टिंग ही मेरा पैशन और अब इसे लेकर ही आगे बढ़ना चाहता हूं – हैरी

एक्टिंग ही मेरा पैशन और अब इसे लेकर ही आगे बढ़ना चाहता हूं – हैरी

Twin City
  • बॉलीवुड एक्टर हैरी जोस ने श्रीकंचनपथ कार्यालय पहुंचकर साझा किये अपने अनुभव
  • छत्तीसगढ़ से मायानगरी मुंबई पहुंचने की बताई पूरी कहानी

भिलाई नगर।  मायानगरी मुंबई में वैसे तो हर साल लाखों लोग कुछ करने का सपना लेकर जाते हैं लेकिन चंद लोग ही उस चकाचौंध से भरे माहौल में आगे बढ़ पाते हैं। ऐसा ही कुछ बॉलीवुड में भी है जहां हजारों लोग एक्टिंग का सपना लेकर संघर्ष शुरू करते हैं लेकिन कुछ लोगों को ही ग्लैमर की दुनिया में आगे बढ़ने का मौका मिलता है। ऐसे ही एक शख्स हैं हैरी जोस…. । खुर्सीपार की गलियों से निकले हैरी आज बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री का जाना पहचाना नाम है। न केवल बॉलीवुड बल्कि पंजाबी, साउथ, भोजपुरी और हॉलीवुड में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके हैं। ‘श्रीकंचनपथ’ कार्यालय पहुंचे हैरी ने अपने पूरे सफर की कहानी साझा करते हुए अपने अनुभव बांटे। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के मुख्य अंश –

खुर्सीपार से बॉलीवुड पहुंचने के सफर के बारे में हैरी ने बताया कि बचपन से ही उनका रहना भिलाई में हुआ। लेकिन छत्तीसगढ़ बनने के साथ ही वो अपने परिवार से साथ कनाडा शिफ्ट हो गये। कनाडा में उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ थियेटर करना शुरू किया। जिसमें वे पंजाबी औऱ हिंदी नाटक किया करते थे। इस दौरान उन्होंने मॉडलिंग में भी हाथ आजमाया और खूब वाहवाही बटोरी। हैरी ने बताया कि यहां से ही मुंबई पहुंचने की नींव बननी शुरू हुई थी।

हैरी ने एक वाक्या साझा करते हुए बताया कि कनाडा में एक एक्सीडेंट की वजह से वे एक लंबे समय के लिए मॉडलिंग से दूर हो गये थे। इसके बाद से उनका मॉडलिंग करियर लगभग समाप्त हो चुका था। हालांकि यहीं से उनका फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ाव शुरू हुआ। इस दौरान वे कनाडा में हरपाल तिवाना और अपने बड़े भाई लखविंदर जौश के साथ हिंदी और पंजाबी थियेटर किया करते थे। हरपाल जी के बारे में उन्होंने बताया कि वे थियेटर के बहुत ही मंझे हुए सदस्य थे औऱ पंजाब से यहां आया करते थे। वहीं उनके बड़े भाई लखविंदर प्ले के डायरेक्टर और लेखक दोनों थे। हैरी ने बताया कि उन्होंने हरपाल तिवाना के साथ सरहद की दीवार और अपने भाई के साथ गुरू गोविंद सिंह जी से जुड़ा एक पंजाबी प्ले औऱ खुल्लम खुल्ला नाम का एक हिंदी प्ले किया था। इसी दौरान कनाडा में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर की नजर उनपर पड़ी औऱ उन्होंने हैरी से फिल्म के संबंध में कई चर्चाएं की। उन्होंने लगातार एक्टर्स औऱ डायरेक्टर्स के संपर्क में रहकर खुद को इंडस्ट्री से अप्रत्यक्ष रूप से जोड़े रखा। हैरी बताते हैं कि कोई मिल गया फिल्म उनके जीवन का एक बड़ा  टर्निंग प्वाइंट है। वे बताते हैं कि उन्होंने इस फिल्म में काम तो नहीं किया लेकिन फिल्म के डायरेक्टर राकेश रोशन एवं लीड एक्टर्स ऋतिक रोशन औऱ प्रीति जिंटा के साथ उनकी अच्छी जुगलबंदी बन गई थी। इससे पहले वर्ष 2004 में राज बब्बर की फिल्म द हीरो से भी उनका जुड़ाव रहा, जहां से फिल्म की लोकेशन से जुड़ी सारे महत्वपूर्ण निर्णय लिया करते थे।

ऋतिक की सलाह काम आई

हैरी ने बताया कि कोई मिल गया फिल्म की शूटिंग के दौरान ही उनकी ऋतिक रोशन से अच्छी दोस्ती हो गई। एक दौर ऐसा भी था जब फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट और हैरी की रोजाना दिनचर्या एक साथ होती थी। ऐसे में एक दफे ऋतिक ने उन्हें सलाह दी कि आप एक्टिंग क्लास ज्वाइन कीजिए। अपने दोस्त की सलाह मानते हुए हैरी ने 4 महीने की क्लास ज्वाइन की। फिर क्या था, हैरी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। हैरी बताते हैं कि इन 4 महीनों ने उनके एक्टिंग करियर को एक लक्ष्य दिया और इसे लेकर वे आज आगे बढ़ रहे हैं।

महानायक के साथ शूट किया था पहला ऐड, किंग बने दूसरे साथी

हैरी बताते हैं कि एक्टिंग क्लास के बाद उन्होंने अपना पहला ऐडशूट सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ शूट किया था। इसके बाद शाहरूख खान के साथ भी काम किया। और फिर सुनील शेट्टी की फिल्म लकीर में भी काम किया।

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड की फिल्मों में कर चुके हैं अभिनय

हैरी ने जहां कनाडा से अपने बॉलीवुड करियर की शुरूआत की थी। वहीं आज तक उन्होंने हॉलीवुड, भोजपुरी, पंजाबी औऱ साउथ की कुल 36 फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा वे 100 से अधिक कमर्शियल एड्स भी कर चुके हैं।

इन बॉलीवुड फिल्मों में किया अभिनय

वांटेड, वेलकम, धूम 2, गोलमाल 3, टार्जन द वंडर कार, किसना, मुसाफिर, डबल धमाल, रमैय्या वस्तावैय्या, डॉली की डोली, गुड बॉय बैड बॉय, ऑल इज वेल, सिंह इज ब्लिंग, वेलकम बैक। इसी तरह भगवान भरोसे, डिस्को डांसर 2 जैसी दो बड़ी फिल्में जल्द ही रिलीज होने वाली हैं।

अलग- अलग इंडस्ट्री में कर चुके हैं ये फिल्में

हैरी ने बताया कि वे एक मराठी फिल्म सूर्या में काम कर चुके हैं। ये फिल्म जल्द ही रिलीज होने वाली है। इसके अलावा हॉलीवुड में किंग ऑफ टूट, फ्रेंच रानी ( टीवी सीरिज), बासमती और मुंबई ईरा जैसी फिल्में कर चुके हैं।  वहीं तेलुगू में मुख्य खलनायक की भूमिका अदा करते हुए उन्होंने विनायक और कंपनी जैसी फिल्में की हैं।  पंजाबी फिल्मों की बात करें तो यहां उन्होंने सज्जन द रियल फ्रेंड, किरपन औऱ सिक्का में अभिनय किया है। वहीं कन्नड़ फिल्मों में छत्रपति, कूल गणेशा, स्नेहीतारू, सुनामी और राणा चंडी जैसी फिल्मों में मुख्य खलनायक की भूमिका अदा की है।

घूमने आये थे मुंबई औऱ यही के हो गये

हैरी वर्ष 2004 की बात शेयर करते हुए बताते हैं कि मुंबई आने का उनका कोई इरादा नहीं था लेकिन किस्मत को शायद कुछ औऱ मंजूर था। वो बताते हैं कि कनाडा में ही बॉलीवुड के एक्टर्स औऱ डायरेक्टर्स से संपर्क तो हो ही गया था। ऐसे में एक बार मेरे दोस्त जैक ने कहा कि मुंबई  घूम आते हैं। तो बस दोनों दोस्त बोरिया बिस्तर उठाए मुंबई आ गये। यहां एक परिचित राजेश शाह के यहां रहने लगे और फिर यहां के ही हो गये।

पुरी साहब मेरे गुरू, उनकी सीख आज भी साथ

हैरी बताते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता स्व. अमरीश पुरी उनके गुरू हैं। उनकी सीख की वजह से आज वे इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। हैरी बताते हैं कि एक फिल्म के दौरान उन्हें पुरी साहब से मिलने का मौका मिला था। जहां पर उन्होंने हैरी के अभिनय की तारीफ करते हुए एक सीख दी। उन्होंने कहा कि हैरी फिल्में तो तुम्हें बहुत मिलेंगी लेकिन किरदार ऐसे ही करना जिसकी तवज्जो हो। एक अपना महत्व हो। इस सीख को हैरी आज भी नहीं भूले हैं और इस फॉर्मूले के अनुरूप ही फिल्में करते हैं।

शानदार रहा अनुभव

हैरी बताते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें सभी दिग्गज एक्टर्स और डायरेक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला। औऱ उनका अनुभव सभी के साथ शानदार रहा। वे बताते हैं कि सलमान भाई जिनके बारे में पूरी दुनिया जानती है कि वे कैसे शख्स हैं। उन्होंने मुझे हमेशा कुछ न कुछ सिखाया ही है। वे हमेशा मुझे प्रोत्साहित करते रहे हैं। इसी तरह प्रभुदेवा, जिन्होंने मुझे हमेशा अपनी फिल्मों में जगह दी है। अब्बास मस्तान, अनीस बज़मी सहित तमाम लोगों ने हमेशा मुझे मौका दिया है और आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी है।

बॉलीवुड- हॉलीवुड एक जैसे फिर भी अलग

हैरी ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड औऱ हॉलीवुड दोनों ही जगह काम किया है और दोनों जगह एक जैसे होने के बावजूद कुछ अलग भी है। उन्होंने बताया कि हॉलीवुड की फिल्मों का एक अलग ही महत्व है। वहां पूरा होमवर्क रेडी रहता है। वैसा ही बॉलीवुड भी है लेकिन यहां की परिस्थितियां कुछ अलग हैं।  इसी तरह कन्नड़, तेलुगू, भोजपुरी, पंजाबी और साउथ की अन्य जगहों के हालात थोड़े अलग हैं।

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