ऐतिहासिक, सुंदर और प्राचीन संस्कृति से जुड़े पर्यटन स्थल बनाते हैं छत्तीसगढ़ की अलग पहचान

ऐतिहासिक, सुंदर और प्राचीन संस्कृति से जुड़े पर्यटन स्थल बनाते हैं छत्तीसगढ़ की अलग पहचान

Raipur

पर्यटन को बढ़ावा देने विभाग द्वारा किया जा रहा प्रयास
राजिम।
पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को प्रदेश के खूबसूरत एवं प्राचीन स्थलों की जानकारी देने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहल की जा रही है। इस क्रम में पर्यटन विभाग द्वारा राजिम माघी पुन्नी मेला में स्टाल लगाकर पोस्टर्स एवं हैंडविल के माध्यम से लोगों को प्रमुख प्राचीन स्थलों की जानकारी दी जा रही है। जहां स्थानीय नागरिकों के साथ बाहर से घूमने आए लोगों का रूझान बढ़ रहा है।
पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के प्रमुख प्राचीन, तीर्थ स्थल एवं पर्यटन स्थल की विस्तृत जानकारी लोगों को मुहैय्या कराई जा रही है। हैंडविल एवं विभिन्न पोस्टर्स के माध्यम से पर्यटन विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल में विभागीय कर्मचारियों द्वारा लोगों को प्रत्येक स्थल की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न जिलों के प्राचीन स्थल, मंदिर, अभ्यारण एवं तीर्थ स्थल शामिल हैं। विभाग द्वारा प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से लेकर वहां जाने के विकल्प एवं उनसे जुड़े रोचक तथ्यों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही साथ वह स्थल जिस शहर से संबद्ध रखता है उससे जुड़ी जानकारियां भी आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पर्यटन मंत्री की सोच के अनुरूप किया जा रहा प्रयास
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू प्रदेश की लोकसंस्कृति एवं पारंपरिक लोककला को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। जिस तरह इस वर्ष उन्होंने राजिम मेला को उसके मूलस्वरूप में परिवर्तित कर स्थानीय परंपरा के अनुरूप लोकसंस्कृति और खेलों को बढ़ावा दिया। इसी क्रम में उनके द्वारा प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री का मानना है कि हमारे प्रदेश के पर्यटन स्थल हमारे अमूल्य धरोहर हैं। इन पर्यटन स्थलों में कई प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों के साथ- साथ तीर्थस्थल, अभ्यारण आदि शामिल हैं। जिनकी जानकारी के अभाव में प्रदेशवासी उन जगहों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस उद्देश्य से विभाग द्वारा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ये महत्वपूर्ण जानकारी मुहैय्या कराये जाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे लोग पर्यटन के लिए अन्य जगहों की बजाय अपने प्रदेश के अमूल्य धरोहरों का भ्रमण कर सकें और उनकी महत्ता एवं उससे जुड़े तथ्यों को जान सकें।
प्रदेश में हैं ये प्रमुख पर्यटन स्थल
छत्तीसगढ़ में पर्यटन के लिए डोंगरगढ़, नगपुरा, कांगेर घाटी, शबरी, रतनपुर, भोरमदेव, सिरपुर, गिरौदपुरी, बरनवापारा अभ्यारण, शदाणी दरबार, कौशल्या माता, चंदखुरी, सोनाखान, मल्हार, मदकूद्वीप आदि प्रमुख स्थल काफी प्रचलित हैं।
राजधानी से अलग रायपुर की अपनी अलग ऐतिहासिक पहचान
रायपुर को वैसे तो पूरा प्रदेश और देश छत्तीसगढ़ की राजधानी के नाम से जानता है पर वास्तव में ऐतिहासिक रूप से इसकी एक अलग पहचान है। यह एक ऐतिहासिक नगरी है जिसकी स्थापना रतनपुर के कलचुरियों के राज्य विभाजन के परिणामस्वरूप हुई थी। इसके बाद सिंहण के पुत्र रामचंद्र ने रायपुर में अपनी राजधानी स्थापित की और मराठों का राज्य स्थापित होने तक यह गौरव इसके साथ रहा। बाद में रतनपुर को वापस राजधानी का दर्जा दिया गया। इसके बाद सन 1818 में छत्तीसगढ़ में प्रथम नियुक्ति कर्नल एग्न्यु ने रतनपुर से रायपुर को राजधानी बनाने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार ब्रिटिश शासन में अविभाजित मध्यप्रदेश में भी रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी के रूप से जानी गई।
रायपुर में भी हैं कई सारे पर्यटन स्थल
प्रदेश की राजधानी रायपुर को वैसे तो आमजन सरकार के मुख्य कार्यालयों की वजह से ही जानती है लेकिन इसके अलावा यहां ढेरों पर्यटन स्थल हैं, जिनकी अलग पहचान है। इनमें वर्ष 1887 में निर्मित टाउनहाल, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, पुराना संग्रहालय, मोतीबाग, बैरन बाराज के चर्च, मस्जिद एवं राम मंदिर, पुरानी बस्ती, विवेकानंद सरोवर, दूधाधारी मंदिर, महामाया मंदिर, जैतूसाव मंदिर, कंकालीतालाब मंदिर, हाटकेश्वर महादेव मंदिर, राजकुमार कालेज, विवेकानंद आश्रम आदि प्रमुख हैं।

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