उर्जा सरंक्षण को लेकर कार्यशाला: दुर्ग मॉडल पर सोलर आधारित स्ट्रीट लाइट पर रहा जोर

उर्जा सरंक्षण को लेकर कार्यशाला: दुर्ग मॉडल पर सोलर आधारित स्ट्रीट लाइट पर रहा जोर

Durg

दुर्ग। ऊर्जा संरक्षण ,ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग तथा जल संरक्षण हेतु ऊर्जा बचाने के उपायों पर चर्चा करने करने के लिए क्रेडा के संभागीय कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधीक्षण अभियंता दिनेश अवस्थी ने कहा कि वर्तमान और आने वाले समय में देश और विश्व भर में ऊर्जा की जरूरत को देखते हुए वैकल्पिक स्रोतों पर ध्यान देने की जरूरत है। हम लगातार विकास कर रहे हैं और विकास में सबसे महत्वपूर्ण घटक ऊर्जा है।

शहरीकरण के इस दौर में जनसंख्या बढऩे के साथ साथ जिस तरह से ऊर्जा की खपत बढ़ रही है ऐसे में परम्परागत स्रोत पर निर्भरता कम करनी जरूरी है।उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश की अक्षांशीय स्थिति को देखते हुए सौर ऊर्जा की असीमित संभावना मौजूद है। इसलिए अगर सौर ऊर्जा को भविष्य की ऊर्जा कहें तो गलत नहीं होगा। उन्होंने ऊर्जा की बचत के लिए क्रेडा द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।

शहरी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट पर अत्याधिक बिजली की खपत

नगर पालिक निगम रिसाली के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला में नगरीय निकायों के संदर्भ में जानकारी दी गई कि शहरों में स्ट्रीट लाइट्स में बहुत ज्यादा बिजली की खपत होती है।जिससे निकाय पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ भी पड़ता है। ऐसे में अगर स्ट्रीट लाइटों में सोलर के एनर्जी का इस्तेमाल किया जाए तो 40 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत हो सकती है। दुर्ग शहर में यह प्रयोग किया जा चुका है है,जो सफल रहा है। कार्यशाला में बताया गया कि हमारा राज्य खेती प्रधान है। इसलिए किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्हें सौर सुजला योजना के तहत 3 एच पी और 5 एच पी के सोलर पंप रियायती दर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ न आए और वो सुचारू रूप से खेती कर सकें। सोलर पम्प की खास बात ये है कि इससे भू जल स्तर में अपेक्षाकृत गिरावट आती है। इसलिए जल संरक्षण में भी यह कारगर है। एक ही स्थान पर पूरा सेट अप लगा होता है जिससे ऊर्जा की हानि भी नहीं के बराबर होती है।

सौर ऊर्जा से बिजली की होगी बचत

कार्यशाला में बताया गया कि शहरों में शासकीय कार्यालयों और घरों में सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल में भारी बचत की जा सकती है। आज के समय में सौर ऊर्जा के बारे में जनजागृति की जरूरत है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपना सकें। एनर्जी ऑडिटर श्री एम सी जैन ने ऊर्जा संरक्षण की जरूरत और विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।इसके अलावा राज्य कार्यालय से आई टीम ने पावर पॉइन्ट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ऊर्जा की खपत और बचत के बारे में समझाया। कार्यशाला में संभागीय कार्यालय से सहायक अभियंता वर्षा बघेल, उप अभियंता तारिका दामले, दुर्ग,बेमेतरा,बालोद,राजनांदगांव ,कवर्धा जिलों के जिला प्रभारी, नगरीय निकायों के 50 से अधिक अभियंता और तकनीकी कर्मचारी शामिल हुए।

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